सुप्रीम कोर्ट: ताज़ा खबरें और समझने योग्य विश्लेषण
सुप्रीम कोर्ट के फैसले अक्सर रोज़मर्रा की जिंदगी पर बड़ा असर डालते हैं — चाहे मीडिया के कंटेंट हों, चुनाव के आदेश हों या कॉपीराइट और मानहानि के मामले। क्या आप जानते हैं कि हालिया ANI‑विकिपीडिया विवाद में कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को क्यों पलटा? ऐसे सवालों के सीधे और समझने योग्य जवाब यहां मिलेंगे।
हम यह पेज इसलिए बना रहे हैं ताकि आप सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरें और उनके असर को जल्दी समझ सकें। यहाँ न केवल खबरें मिलेंगी, बल्कि फैसलों का सार, उनके तात्कालिक नतीजे और अगला क्या हो सकता है—ये भी आसान भाषा में मिलेगा।
ताज़ा मामले और हाइलाइट्स
Supreme Court ने ANI‑विकिपीडिया मानहानि विवाद में दिल्ली HC का आदेश पलटा
कोर्ट ने कहा कि सिर्फ असहज या आपत्तिजनक सामग्री होने से मीडिया कंटेंट हटवाना सही नहीं होता, जब तक कि अवमानना या स्पष्ट कानून उल्लंघन न हो। ये फैसला प्रेस स्वतंत्रता और अदालतों के बीच संतुलन पर अहम संकेत देता है।
जम्मू‑कश्मीर पंचायत चुनाव पर फर्जी सूचना वायरल, अफसरों ने दी सफाई
यह मामला बताता है कि सोशल मीडिया पर फैली गलत अधिसूचनाएं कभी‑कभी कानूनी कार्रवाई तक पहुंच सकती हैं। प्रशासन ने IT एक्ट के तहत चेतावनी जारी की है — ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट का रुख किस तरह बनता है, उसे समझना ज़रूरी है।
जावेद अख्तर का वीडियो: कानूनी विवाद और वायरल क्लिप
पुराना वीडियो फिर से वायरल हुआ और अब कानूनी बहस चल रही है। ऐसे मामलों में मानहानि और अभिव्यक्ति की सीमा पर कोर्ट के फैसले आम जनता के लिए मायने रखते हैं।
आपको क्या मिलेगा और कैसे पढ़ें
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आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया है। यह विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ है जिसमें राज्यों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के भीतर उप-श्रेणियां बनाने की अनुमति दी गई है। यह निर्णय 1 अगस्त को जारी किया गया था और इसके खिलाफ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने समर्थन व्यक्त किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को ईडी और सीबीआई द्वारा दर्ज मामलों में 17 महीने की हिरासत के बाद जमानत दी। कंटेंट में जानें कैसे कोर्ट ने न्याय सुनिश्चित किया और क्यों आप पार्टी के नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया।