फर्जी आदेश — कैसे पहचानें और तुरंत क्या करें
कभी किसी ईमेल, व्हाट्सएप या पोस्टल लेटर में ऐसा कोई आदेश मिला जो आधिकारिक दिखता था पर आपको शक हुआ? फर्जी आदेश सिर्फ भ्रम फैलाते हैं — कभी-कभार पैसों की मांग करते हैं, कभी धमकी देते हैं। ये समझना जरूरी है कि पहचानना आसान है अगर आप कुछ बुनियादी चेक करते हैं।
कैसे पहचानें? 5 सरल चेक
1) आधिकारिक लिंक और URL चेक करें — असली कोर्ट या सरकारी पोर्टल का URL हमेशा आधिकारिक डोमेन पर होगा (जैसे .gov.in)। किसी अजीब डोमेन, स्पेलिंग बदलने या अतिरिक्त शब्दों पर भरोसा मत करें।
2) दस्तावेज़ की भाषा और लेआउट देखें — असली आदेश में तारीख, केस नंबर, जज का नाम और कोर्ट की मुहर स्पष्ट होती है। गलत व्याकरण, धुंधली मुहर या अस्पष्ट हस्ताक्षर लाल झंडा हैं।
3) सीरियल नंबर और केस आईडी सत्यापित करें — कोर्ट की वेबसाइट या रेगिस्ट्री से केस नंबर मिलान कर लें। अगर नंबर सिस्टम में नहीं मिलता तो सावधान हो जाएं।
4) संपर्क जानकारी सत्यापित करें — फोन या ईमेल पर दिए गए नंबर को खुद आधिकारिक वेबसाइट से मिलाकर कॉल करें। फर्जी भेजने वाले अक्सर व्यक्तिगत मोबाइल या गीमेल आईडी इस्तेमाल करते हैं।
5) पैसे की मांग पर संदेह करें — कोर्ट या सरकारी एजेंसी सीधे ऑनलाइन पेमेंट की मांग नहीं करती बिना उचित प्रक्रिया के। अगर तुरंत पैसे मांगे जा रहे हैं, तो यह ठगी होने की संभावना है।
अगर आपको फर्जी आदेश मिला तो क्या करें?
पहला कदम—घबराएँ नहीं। आदेश की कॉपी संभाल कर रखें और ऊपर बताये गए चेकों से क्रॉस-चेक करें।
दूसरा—अधिकारिक चैनल से पुष्टि लें। अपने स्थानीय कोर्ट रजिस्ट्रार, संबंधित विभाग या बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर संपर्क करें और फाइल/केस नंबर पूछें।
तीसरा—जब पुष्टि हो जाए कि यह फर्जी है तो स्क्रीनशॉट, ईमेल हेडर, नंबर और प्राप्ति का रिकॉर्ड संजोकर रखें। ये सब पुलिस रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई में काम आएंगे।
चौथा—नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराएं और साइबर सेल को भी खबर दें। ऑनलाइन ठगी के मामले में साइबर शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराना प्रभावी साबित होता है।
पाँचवां—यदि आदेश किसी प्रकार का आर्थिक दबाव बना रहा है तो अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और संबंधित अकाउंट पर निगरानी लगवाएं। जरूरत पड़े तो बैंक से ट्रांज़ेक्शन ब्लॉक करवा दें।
हमारी सलाह: कभी भी दबाव में आकर लिंक पर क्लिक करके व्यक्तिगत जानकारी या पैसों का आदान-प्रदान न करें। अनंत समाचार पर हम ऐसे मामलों की रिपोर्ट करते हैं और लोगों को सचेत करते हैं — अगर आपने किसी फर्जी आदेश का सामना किया है तो हमारी टीम को रिपोर्ट कर सकते हैं।
इन सरल कदमों से आप फर्जी आदेश को पहचानकर नुकसान से बच सकते हैं और सही कार्रवाई करवा कर अपने अधिकार सुरक्षित रख सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनावों को लेकर एक फर्जी अधिसूचना सोशल मीडिया पर फैल गई। प्रशासन ने इसे पूरी तरह गलत बताया और लोगों को सिर्फ अधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की सलाह दी। ऐसे मामलों में IT एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।