निम्न गुणवत्ता कोयला — पहचानें, समझें और बचाव करें
निम्न गुणवत्ता कोयला से परेशान हैं? आसान शब्दों में, यह वो कोयला है जिसकी ऊष्मा (calorific value) कम और अश/नमी अधिक होती है। ऐसे कोयले से ताप-ऊर्जा कम मिलती है और जलन में समस्या आती है। बिजली घर, औद्योगिक बॉयलर और सीमेंट प्लांटों में इसका इस्तेमाल लागत बढ़ाने और मशीनों पर बुरा असर डालने वाला साबित होता है।
निम्न गुणवत्ता कोयले के प्रमुख नुकसान
पहला नुकसान साफ है — कम ऊर्जा: कम कैलोरिफिक वैल्यू का मतलब वही दाम देकर कम बिजली या हीट मिलेगा। दूसरा, राख और सुल्फर: अधिक अश(content) और सल्फर से चिमनी में जलेख और वातावरण में प्रदूषण बढ़ता है। तीसरा, परिचालन खर्च: अधिक खनिज अश व नमी पर सफाई, रखरखाव और फिल्टरिंग का खर्च बढ़ता है। चौथा, उपकरणों का जीवनकाल घटता है—बॉयलर, बर्नर और कन्वेयर जल्दी खराब हो सकते हैं।
क्या यह छोटे उपभोक्ताओं के लिए भी समस्या है? हां। छोटे फर्नेस और ग्रील में भी खराब कोयला ठीक से जलता नहीं, जिससे सफाई और धुआँ ज्यादा होता है।
अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के तरीके
सबसे पहले टेस्ट कराएं: खरीद से पहले कोयले का proximate और ultimate analysis कराएं—नमी, वोलाटाइल मैट्टर, राख और कैलोरिफिक वैल्यू देखें। दूसरे, वॉशिंग और ब्लेंडिंग: कोयला वॉशिंग से राख घटती है; अलग‑अलग ग्रेड मिलाकर भी बेहतर बर्निंग मिल सकती है। तीसरा, प्री‑ड्रायर और बर्नर सेटिंग: नमी निकालने के लिए प्री‑ड्रायर और सही एअर‑फ्यूल रेशियो से दहन सुधरता है।
नीतिगत कदम भी जरूरी हैं: सप्लाय चैन में गुणवत्ता मानक लागू करें, और कोयला ट्रेडिंग में सर्टिफिकेशन अनिवार्य रखें। उद्योगों को भी निवेश करके एंटी‑फिस्ल एजेंट, फ्लू गैस डीसल्फराइज़ेशन और बेहतर फिल्टर लगाना चाहिए ताकि प्रदूषण कम हो और मशीनें सुरक्षित रहें।
व्यावहारिक टिप्स खरीददारों के लिए: भरोसेमंद सप्लायर चुनें, नमूना लेकर थर्ड‑पार्टी लैब में एनालिसिस कराएं, और कॉन्ट्रैक्ट में कैलोरिफिक वैल्यू व अश सीमा लिखवाएं। छोटे उद्योगों के लिए विकल्प देखें — बायोमास, सीएनजी या गैस की तरफ शिफ्ट करना लंबे समय में आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से बेहतर हो सकता है।
अंत में, अगर आप ऊर्जा लागत घटाना चाहते हैं तो केवल कीमत पर ध्यान न दें। सही ग्रेड का कोयला खरीदना, उसे उचित प्रोसेसिंग देना और दहन कंट्रोल सुधारना, कुल मिलाकर खर्च और प्रदूषण दोनों कम करता है। ऐसे छोटे‑छोटे कदम उद्योगों और बिजली संयंत्रों के लिए बड़े लाभ ला सकते हैं।
अडानी समूह पर निम्न गुणवत्ता वाले कोयले को उच्च गुणवत्ता के रूप में दिखाकर तमिलनाडु जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (Tangedco) को सप्लाई करने का आरोप लगाया गया है। हालाँकि, अडानी समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि उसके कोयले की गुणवत्ता की कई एजेंसियों द्वारा जांच की गई थी। इस विवाद के बावजूद, अडानी समूह की शेयर कीमतें दिन के अंत में बढ़ गईं।