इस्तीफा देने से पहले ये बातें जान लें
इस्तीफा देना आसान लग सकता है पर सही टाइमिंग और तरीका करने पर ही चीजें सफ़ल रहती हैं। क्या आपको नई नौकरी मिली है? क्या काम का माहौल ठीक नहीं है? वजह चाहे जो हो, इस्तीफा देने से पहले अपने कॉन्ट्रैक्ट, नोटिस पीरियड और बकाया सैलरी की जानकारी ज़रूर देख लें।
किसी भी कंपनी में छोड़ने का असर सिर्फ आपकी नौकरी तक सीमित नहीं रहता — रेफरन्स, सर्टिफिकेट, बकाया बोनस और ग्रेच्युटी भी इससे जुड़ी बातें हैं। इसलिए भावनात्मक फैसले लेने से पहले ठंडा दिमाग रखें और सब लिखित में मांगें।
नोटिस पीरियड और कानूनी बातें
अधिकतर कंपनियों में नोटिस पीरियड 1 महीने से 3 महीने तक होता है। कॉन्ट्रैक्ट में जो लिखा है वही फॉलो करें। नोटिस पूरा करने के दौरान कंपनी आपसे होल्डआवर, प्रोजेक्ट हैंडओवर या रिप्लेसमेंट ट्रेनिंग मांग सकती है। अगर आप नोटिस जम्प करना चाहते हैं, तो कंपनी से सहमति लेकर ही करें—वरना सैलरी कट या कानूनी नोटिस मिल सकता है।
कुछ मामलों में रोजगार के बाद भी गैर-प्रतिस्पर्धा (non-compete) क्लॉज या संवेदनशील डेटा की सुरक्षा पर सीमाएँ रहती हैं। ऐसी शर्तें कॉन्ट्रैक्ट में देखिए और ज़रूरत हो तो HR से लिखित कन्फर्मेशन लें।
इस्तीफा कैसे लिखें - आसान नमूना
इस्तीफा पत्र सीधा और शॉर्ट रखें। आक्रामक टोन से बचें, क्योंकि भविष्य में आपको वही शब्द काम आएंगे। नीचे एक सिंपल टेम्पलेट है जिसे आप एडजस्ट कर सकते हैं:
नमूना:
दिनांक: [DD/MM/YYYY]
सेवा में,
[मैनेजर का नाम]
[कंपनी का नाम]
विषय: इस्तीफा पत्र
मान्यवर,
मैं यह पत्र [अपनी पोस्ट] से अपना इस्तीफा प्रस्तुत करने के लिए दे रहा/रही हूँ। मेरी अंतिम कार्य-तिथि [अंतिम दिन, नोटिस पीरियड के अनुसार] होगी। मैं हैंडओवर और बाकी औपचारिकताएँ पूरा करने के लिए उपलब्ध रहूँगा/रहूँगी।
धन्यवाद,
[आपका नाम]
[कॉन्टैक्ट नंबर]
ईमेल इस्तीफा भेज रहे हैं तो सब्जेक्ट में ‘Resignation - [आपका नाम]’ लिखें और ऊपर वाला सादा पत्र बॉडी में लगा दें। HR से रिसिप्ट या रिसीव acknowledgment मांगे।
राजनीतिक या सार्वजनिक पद पर इस्तीफा और कॉर्पोरेट इस्तीफा अलग होते हैं — पब्लिक रिकॉडिंग, मीडिया स्टेटमेंट और लीगल नोटिस की संभावना रहती है। ऐसे मामले में मीडिया मैनेजमेंट और वकील से सलाह लेना समझदारी है।
अंत में, प्रोफेशनल रहें: हैंडओवर अच्छी तरह करें, कोलेग्स को नोटिस दें, और ऑफिशियल रिकॉर्ड साफ रखें। इससे नयी नौकरी में भी रेफरेंस और नेटवर्क मजबूत बने रहते हैं।
महाराष्ट्र में अजित पवार की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पिंपरी-चिंचवड़ इकाई के चार वरिष्ठ नेताओं ने इस्तीफा दिया और शरद पवार खेमे में शामिल होने की योजना बनाई है। इन नेताओं में एनसीपी पिंपरी-चिंचवड़ इकाई के प्रमुख अजित गवहाने, छात्रों के विंग प्रमुख यश साने, पूर्व पार्षद राहुल भोसले और पंकज भालेकर शामिल हैं।