गाली गलौज: क्यों बढ़ रही है नफरत और कैसे सुरक्षित रहें

क्या आपने भी सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और टिक्के पढ़े हैं जो बहस को बिगाड़ देते हैं? आजकल छोटी बहस भी जल्दी बंदूक वाली भाषा में बदल जाती है। इस पेज पर हम वही खबरें, केस और सलाह जमा कर रहे हैं जहाँ गाली-गलौज का असर साफ दिखता है—चाहे वह सोशल पोस्ट हो, लाइव शो या कोर्ट केस।

यहाँ के कुछ लेख सीधे मुद्दे दिखाते हैं: "जम्मू-कश्मीर पंचायत चुनाव पर फर्जी सूचना वायरल, अफसरों ने दी सफाई" जैसी खबरों में झूठी पोस्ट्स अक्सर गाली-गलौज और अफवाहों से और तेज फैलती हैं। उसी तरह "Supreme Court ने ANI-विकिपीडिया मानहानि विवाद में दिल्ली HC का आदेश पलटा" बताता है कि मीडिया व मुकदमों में भाषा का कितना बड़ा महत्व है।

कानूनी पहलू — क्या करें जब गाली-गलौज हो

गाली-गलौज सिर्फ बुरे बोल नहीं होते, कई बार वह अवमानना या मानहानि का विषय बन जाते हैं। आईटी एक्ट और मानहानि से जुड़े नियम लागू होते हैं। अगर किसी ने जानबूझकर आप पर गलत आरोप लगाए या बदनाम किया, तो शिकायत दर्ज कर सकते हैं। खबरों में आपको मिलेंगे ऐसे कई उदाहरण जहाँ प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी दी या कोर्ट तक मामला गया।

याद रखें: सोशल प्लेटफॉर्म्स की अपनी रिपोर्टिंग नीति होती है। तुरंत स्क्रीनशॉट लें, रिपोर्ट बटन का इस्तेमाल करें और अगर मामला गंभीर है तो लोकल थाने में लिखित शिकायत दें। कोर्ट के फैसले, जैसे ऊपर बताए मामले, दिखाते हैं कि सिर्फ असहज सामग्री के कारण कंटेंट हटवाना आसान नहीं होता—लेकिन अवमानना या जानबूझकर झूठ फैलाने पर कदम उठाए जा सकते हैं।

आप क्या कर सकते हैं — सरल और असरदार कदम

सबसे पहला कदम: प्रतिक्रिया देने से पहले रुके। गुस्से में लिखी हुई बात आपको भी मुश्किल में डाल सकती है। दूसरे, प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें—कमेंट्स सीमित कर दें या अनफॉलो करें। तीसरा, रिपोर्ट करें और सबूत संभाल कर रखें।

अगर आप पत्रकार या कंटेंट क्रिएटर हैं, तो भाषा की पॉलिसी अपनाएं—कमेंट मोडरेशन टीम रखें और स्पष्ट कम्यूनिटी गाइडलाइन्स दिखाएँ। पाठक के तौर पर भी आप ट्रॉलिंग और गाली-गलौज पर सख्त रहें: गलत सूचनाओं को बिना जाँचे फैलाना बंद करें और विश्वसनीय स्रोत पर भरोसा करें—जैसा कि हमारे अन्य लेखों में बताया गया है।

यह टैग सिर्फ नकारात्मक कहानियों का संग्रह नहीं है—यह बताता है कि गाली-गलौज से कैसे नुकसान होता है और किस तरह सिस्टम, कोर्ट और समुदाय मिलकर समाधान ढूँढते हैं। अगर आप किसी खास घटना पर और पढ़ना चाहते हैं, तो हमारे संबंधित लेखों पर क्लिक कर के पूरा केस देखिए और जानिए क्या-क्या कदम उठाए गए।

अंत में, अगर आप किसी खबर के बारे में रिपोर्ट करना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं तो हमसे जुड़ें—आपकी रिपोर्टिंग ही इन बहसों को जिम्मेदार दिशा दे सकती है।

जावेद अख्तर का वीडियो: कॉमेडी में गालियों की तुलना चटपटी मिर्च से

जावेद अख्तर का वीडियो: कॉमेडी में गालियों की तुलना चटपटी मिर्च से
19 मार्च 2025 Anand Prabhu

वरिष्ठ गीतकार जावेद अख्तर का पुराना वीडियो फिर से चर्चा में है। उन्होंने वीडियो में कॉमेडी में गालियों की तुलना स्वादहीन खाने में मिर्च से की थी। यह वीडियो रनवीर अल्लाहबादिया के विवाद के बीच वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने अपमानजनक सवाल किया था। उनकी इस टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई चल रही है।