एकादशी पारणा — सरल और उपयोगी दिशा-निर्देश

अगर आपने एकादशी व्रत रखा है तो पारणा यानी व्रत खोलना सही समय और तरीके से करना जरूरी है। गलत समय पर पारणा करने से व्रत का अर्थ और व्यवहारिक लाभ प्रभावित हो सकता है। यहाँ आसान भाषा में समय, नियम और व्यावहारिक सुझाव दिए जा रहे हैं ताकि आप बिना उलझन के पारणा कर सकें।

एकादशी पारणा कब करें?

आम तौर पर एकादशी का व्रत द्वादशी के दिन खोलते हैं। पारणा का सबसे सामान्य समय सूर्योदय के बाद से लेकर दोपहर तक माना जाता है। कुछ परंपराओं में समय थोड़ा अलग हो सकता है — जैसे स्थानीय पंचांग या मंदिर के नियमों के अनुसार पारणा का समय बदल जाता है।

बेस्ट तरीका: अपने स्थान का पंचांग देखें या पूजा करने वाले पंडित/पुजारी से पूछ लें। अगर आप पहली बार कर रहे हैं या शंका हो तो स्थानीय मंदिर की घोषणा को मान लें।

परणा करते समय क्या खाएँ और क्या न खाएँ

एकादशी के नियम अलग-अलग परंपरा में भिन्न होते हैं, पर आम तौर पर अनाज (चावल, गेहूं, दालें) से परहेज रहता है। पारणा करते समय हल्का और पचने में सरल खाना लेना अच्छा रहता है।

सुझावित चीजें (अक्सर स्वीकार्य): दूध, दही, फल, सूखे मेवे, साबुदाना (व्रत-भोजन), समक/राजगिरा की खिचड़ी, सिंहारे का आटा से बने पकवान। अगर आप घर में पंडित के निर्देश के मुताबिक कर रहे हैं तो वही खाएं जो उन्होंने कहा हो।

बचने योग्य चीजें: भारी, तली-भुनी और मसालेदार चीजें तुरंत न खाएँ; साथ ही अगर आपकी परंपरा में अनाज वर्जित है तो चावल-आटा-दाल न लें।

पराणा करते वक्त छोटे-छोटे स्टेप अपनाएँ: पहले गुनगुना पानी या हल्का दूध लें, फिर फल या सूखे मेवे, उसके बाद हल्का ताजा पकवान। ज्यादा तेल या मिर्च से बचें ताकि पेट परेशान न हो।

स्वास्थ्य का ध्यान: गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज़ या किसी गंभीर बीमारी वाले लोग पहले डॉक्टर से सलाह लें। व्रत रखते समय चक्कर आते हों तो व्रत टूटना बेहतर होता है — स्वास्थ्य पहले।

आम गलतियाँ जो बचानी चाहिए: गलत समय पर पारणा, भारी भोजन से तुरंत पेट भरा लेना, किसी की सलाह न लेकर पारंपरिक नियम बदलना।

सरल टिप: अगर आप निश्चित नहीं हैं तो स्थानीय पंचांग या मंदिर की घोषणा फॉलो करें और पारणा के समय हल्का, ताजा और साधारण भोजन चुनें। इससे तन-मन दोनों शांत रहते हैं और व्रत का उद्देश्य पूरा होता है।

अगर चाहें तो नीचे कमेंट में बताएँ — आप किस परंपरा के अनुसार एकादशी रखते हैं और पारणा में क्या खाते हैं। इससे दूसरों को भी मदद मिलेगी।

अपर एकादशी 2 जून 2024: जानें मुहूर्त, पूजा विधि, कथा, और पारणा मंत्र

अपर एकादशी 2 जून 2024: जानें मुहूर्त, पूजा विधि, कथा, और पारणा मंत्र
2 जून 2024 Anand Prabhu

अपर एकादशी, एक महत्वपूर्ण हिंदू उपवास, 2 जून 2024 को मनाया जाएगा। यह ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ता है। इस वर्ष यह सर्वार्थ सिद्धि योग, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग जैसे शुभ योगों के अंतर्गत मनाया जाएगा। पूजा का शुभ समय 2 जून को प्रातः 05:04 बजे से 3 जून को प्रातः 02:41 बजे तक है। व्रत पारणा 3 जून को प्रातः 08:05 से 08:10 बजे के बीच होगी।