द्विपक्षीय व्यापार क्या है और क्यों मायने रखता है?

द्विपक्षीय व्यापार यानी दो देशों के बीच माल और सेवाओं का सीधे लेन-देन। यह छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए नए बाजार खोलता है, कच्चा माल सस्ता कर देता है और प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है। क्या आप सोच रहे हैं कि आपका प्रोडक्ट किस देश में चलेगा? सही प्लानिंग से आप जल्दी प्रोफ़िट देख सकते हैं।

फायदे और आम चुनौतियाँ

सबसे बड़ा फायदा — नया बाजार और बिक्री बढ़ना। कम उत्पादन लागत, विविध सप्लाई चैन और समझौते (FTA/CEPA) से टैरिफ घट सकते हैं। वहीं चुनौतियाँ भी हैं: अलग- अलग नियम, कस्टम्स डॉक्युमेंटेशन, करंसी जोखिम और लॉजिस्टिक्स। इन बाधाओं को सिस्टमेटिक तरीके से हल किया जा सकता है।

एक सरल तरीका: पहले छोटे ऑर्डर से टेस्ट करें, लोकल पार्टनर और डिस्ट्रीब्यूटर चुनें, और शुरुआती समय में एक्सपोर्ट क्रेडिट/इन्श्योरेंस लें। इससे जोखिम कम होगा और आप बाजार की असली मांग समझ पाएँगे।

कदम-दर-कदम कैसे शुरू करें

यहाँ सीधे, व्यावहारिक कदम दिए जा रहे हैं जिन्हें आप आज ही अपनाना शुरू कर सकते हैं:

1) मार्केट रिसर्च: Google Trends, Trade Map और लोकल व्यापार मेलों की रिपोर्ट देखें। इससे आपको मांग, कीमत और प्रतियोगी का अंदाजा मिलता है।

2) उत्पाद अनुकूलन: पैकेजिंग, लेबलिंग और मानक (जैसे FSSAI, CE, ISO) स्थानीय नियमों के अनुसार बदलें।

3) डॉक्युमेंटेशन तैयार रखें: कمرिशियल इनवॉइस, पैकिंग लिस्ट, बिल ऑफ लेडिंग/एयरवे बिल, सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजिन, इन्श्योरेंस।

4) पेमेंट और रिस्क: पहले LC (Letter of Credit) या अग्रिम भुगतान की व्यवस्था करें। करंसी फाल्ट से बचने हेतु फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट की सोचें।

5) लॉजिस्टिक्स और कस्टम्स: फ्रेट पार्टनर चुनें जो दोनों देशों के कस्टम्स नियम जानता हो। ईज़ी क्लीयरेंस के लिए HS कोड और वैल्यू-डिक्लेरेशन स्पष्ट रखें।

6) लोकल पार्टनर और नेटवर्क: एक भरोसेमंद एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर आपको मार्केट में तेज़ी से पहुँच दिला सकता है।

7) सरकारी सहायता लें: DGFT, EXIM बैंक, राज्य एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल्स और ICEGATE जैसी सर्विसेज मदद कर सकती हैं। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स की सूचनाएँ भी देखें।

छोटा चेकलिस्ट — HS कोड, सर्टिफिकेशन, पेमेंट टर्म, शिपिंग इंश्योरेंस, लोकल नियम। हर एक आइटम पर ध्यान दें, इससे बैरियर घटते हैं और बिजनेस तेज़ी से बढ़ता है।

अगर आप अभी शुरू कर रहे हैं तो एक पायलट शिपमेंट भेजें, सीखें और फिर स्केल करें। एक स्पष्ट मार्केट प्लान और भरोसेमंद पार्टनर के साथ द्विपक्षीय व्यापार आपके लिए स्थायी वृद्धि का रास्ता बन सकता है।

भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: ऐतिहासिक समझौते से द्विपक्षीय व्यापार में जबरदस्त उछाल की तैयारी

भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: ऐतिहासिक समझौते से द्विपक्षीय व्यापार में जबरदस्त उछाल की तैयारी
7 मई 2025 Anand Prabhu

भारत और यूनाइटेड किंगडम ने ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन पर दस्तखत किए हैं। इससे दोनों देशों के व्यापार में नया मुकाम आएगा, भारतीय सामानों को UK में ड्यूटी फ्री पहुंच मिलेगी और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों का समाधान होगा। समझौते से 2040 तक कारोबार $25.5 अरब पहुंचाने का लक्ष्य है।