डिमैट खाते क्या है और आपको क्यों चाहिए?
क्या आप शेयर, बॉन्ड या म्यूचुअल फंड यूनिट डिजिटल रूप में रखना चाहते हैं? डिमैट खाते (Demat Account) वही जगह है जहाँ आपके शेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रहते हैं। फिजिकल शेयर प्रमाणपत्र खत्म होने के बाद डिमैट ने शेयरों की खरीद-बिक्री और होल्डिंग को आसान, तेज और सुरक्षित बना दिया है।
अगर आप स्टॉक्स में निवेश या ट्रेडिंग करना चाहते हैं, तो डिमैट खाता होना जरूरी है। इसे बिना खोलें आप शेयर एक्सचेंज पर लेन-देन नहीं कर पाएंगे।
डिमैट खाता कैसे खोलें — सरल स्टेप्स
डिमैट खाता खोलना अब ज़्यादा मुश्किल नहीं है। ये मूल चरण हैं:
1) सही ब्रॉकर या डीपी (Depository Participant) चुनें — बैंक या रजिस्टर्ड ब्रोकिंग फर्म।
2) आवेदन फॉर्म भरें — ऑनलाइन या ब्रॉकर ऑफिस पर।
3) दस्तावेज़ जमा करें — पहचान (आधार/पैन), पता (राशन/बिजली बिल), पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाते की डिटेल्स।
4) KYC व ई-केवाईसी पूरी करें — वीडियो या दस्तावेज सत्यापन।
5) DP आपका Demat अकाउंट सक्रिय करेगा और आपको खाता संख्या (BO ID) मिलेगी।
पूरी प्रक्रिया आमतौर पर 24-72 घंटे में पूरी हो जाती है अगर दस्तावेज सही हैं।
डिमैट खाते के प्रकार और क्या चुनें
डिमैट खाते के सामान्य प्रकार हैं: फिजिकल शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक करने वाला खाता, नॉर्मल निवेश खाता और ट्रेज़ेड अकाउंट। NRI निवेशकों के लिए PIS-enabled डिमैट अलग होता है। अगर आप सक्रिय ट्रेडर हैं तो कम ब्रोकरेज और तेज प्लेटफॉर्म वाला डीपी चुनें; लम्बी अवधि के निवेश के लिए भरोसेमंद बैंक या बड़े ब्रोकर्स ठीक रहते हैं।
डिमैट खाते खोलने से पहले यह ध्यान रखें:
- शुल्क और AMC: हर DP सालाना रख-रखाव शुल्क (AMC) लेता है। कुछ ब्रोकर्स पहली साल फ्री देते हैं।
- ट्रांजैक्शन चार्ज: शेयर ट्रांसफर और डिमैट/रीमेटलाइज़ेशन पर अलग चार्ज हो सकते हैं।
- प्लेटफॉर्म और सपोर्ट: मोबाइल और वेब ऐप की यूजर फ्रेंडलीनेस और कस्टमर सपोर्ट पर ध्यान दें।
सुरक्षा के लिहाज़ से हमेशा दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और मजबूत पासवर्ड रखें। ई-मेल और SMS अलर्ट चालू रखें ताकि हर लेन-देन की सूचना आपको तुरंत मिल सके।
अगर आप नए हैं तो छोटे निवेश से शुरू करें और पहले ब्रोकरेज स्ट्रक्चर, AMC और hidden charges की तुलना कर लें। दस्तावेज तैयार रखें — एक बार खाता खुल जाए तो निवेश शुरू करना आसान होता है।
अभी अगर आप सोच रहे हैं कौन सा DP चुनें, तो तीन चीजें याद रखें: कुल खर्च, प्लेटफॉर्म की सुविधा और कस्टमर सर्विस। इन तीन को देखकर निर्णय लें और अपने निवेश को डिजिटल और सुरक्षित रखें।
सेबी ने उन निवेशकों को राहत दी है जिन्होंने अपने डिमैट और म्यूचुअल फंड खातों के लिए लाभार्थियों को नामित नहीं किया है। सेबी ने 30 जून तक ऐसे खातों को फ्रीज करने के अपने निर्णय को वापस ले लिया है। नए निवेशकों को अब अनिवार्य रूप से लाभार्थियों को नामित करना होगा।