आर्थिक संकट — पहचानें और तुरंत तैयार हों

आर्थिक संकट अचानक नहीं आता, छोटे-छोटे संकेत पहले दिखते हैं। क्या महंगाई बढ़ रही है? नौकरीयों के ऑफर कम हो रहे हैं? शेयर बाजार अस्थिर है? इन संकेतों पर ध्यान दें। अगर आप समय रहते छोटे कदम उठाएँ तो नुकसान कम होगा।

छोटी-छोटी तैयारियाँ जो फर्क डालती हैं

पहली बात: बजट। हर महीने की आमदनी और खर्च सीधा लिखिए। किराया, राशन, इलाज और स्कूल फीस सबसे पहले। गैरज़रूरी खर्च (सब्सक्रिप्शन, बाहर खाने) तुरंत काटिए। यह फैसला आसान नहीं, पर हर बचत का असर बड़ा होता है।

दूसरी: आपात बचत फंड। कोशिश कीजिए कि 3-6 महीने के खर्च बराबर पैसे अलग रखें। शुरुआत छोटी से करें—हर महीने अपनी सैलरी का 5-10% अलग कर दें। छोटे-छोटे योगदान समय के साथ बड़ा फंड बनाते हैं।

तीसरी: कर्ज की योजना। हाई-इंटरेस्ट कर्ज पहले चुकाएँ। क्रेडिट कार्ड बैलेंस बढ़ने पर तुरंत रणनीति बनाइए—बिना पेनल्टी के अतिरिक्त भुगतान करने की कोशिश करें। बैंक से रीनोट या कम ब्याज के विकल्प पूछना भी काम करता है।

जब संकट दिखे: तुरंत करने योग्य कदम

नौकरी पर असुरक्षा लगे तो रिज्यूमे अपडेट करिए और नेटवर्किंग बढ़ाइए। फ्रीलांसिंग या पार्ट-टाइम से आय का रास्ता खोलिए। क्या आप नई स्किल सीख सकते हैं? ऑनलाइन कोर्स छोटे समय में नौकरी खोजने में मदद कर सकते हैं।

निवेशों की जाँच करें। रिटायरमेंट फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और इक्विटी—सबको आराम से नहीं बेचिए। लेकिन जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक पोर्टफोलियो से तरलता निकालें। शेयर मार्केट में घबराहट में बड़ी कटौती न करें; संतुलित सलाह लें।

जानकारी पर भरोसा रखें। अफवाह और फर्जी सूचनाएँ परेशानी बढ़ाती हैं—जैसे कुछ मामलों में सोशल मीडिया पर फर्जी अधिसूचना फैल जाती है। भरोसेमंद न्यूज़ सोर्स और अधिकारिक वेबसाइट से ही खबरें लें।

सरकारी मदद और योजनाएँ देखिए—बेरोजगारी भत्ता, स्किल डेवलपमेंट स्कीम या आर्थिक राहत पैकेज। स्थानीय बैंक और सरकारी कार्यालय से संपर्क करने में हिचकिचाइए मत।

समुदाय और परिवार से जुड़िए। कभी-कभी स्थानीय नेटवर्क से अस्थायी रोजगार, साझा खर्च या सामुदायिक सहायता मिल जाती है। छोटी-छोटी बचत और साझेदारी क्राइसिस में बड़ा सहारा बनती है।

आखिर में, मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी है। आर्थिक समस्या में तनाव बढ़ता है—स्ट्रेस मैनेजमेंट, नींद और स्वस्थ खानपान पर ध्यान दें। निर्णय जल्दी में न लें, पर समय पर कार्रवाई ज़रूर करें।

यदि आप रीयल-टाइम आर्थिक खबरें और सलाह चाहते हैं तो 'अनंत समाचार' के आर्थिक सेक्शन पर नियमित अपडेट और विश्लेषण देखें। छोटे कदम आज ही उठाइए—बजट बनाइए, बचत शुरू कीजिए और अपनी स्किल पर निवेश कीजिए।

अनुरा कुमारा डिसानायके बने श्रीलंका के नए राष्ट्रपति: युवाओं के समर्थन से मिली जीत

अनुरा कुमारा डिसानायके बने श्रीलंका के नए राष्ट्रपति: युवाओं के समर्थन से मिली जीत
23 सितंबर 2024 Anand Prabhu

मार्क्सवादी विधायक अनुरा कुमारा डिसानायके ने श्रीलंका का राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है, चुनाव आयोग के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार। डिसानायके ने युवाओं के बीच लोकप्रियता और पुराने राजनेताओं के खिलाफ प्रचार कर यह जीत हासिल की। उनके मुकाबले में विपक्षी नेता साजित प्रेमदासा और वर्तमान राष्ट्रपति रनिल विक्रमसिंघे थे।