सोलर पीवी मॉड्यूल: क्या चुनें और कैसे रखें?
बिजली का बिल कम करना है या बैकअप पावर चाहिए? सोलर पीवी मॉड्यूल सबसे व्यवहारिक रास्ता है। यहां सीधे और काम के टिप्स मिलेंगे — कौन सा मॉड्यूल लें, कैसे सही साइज निकाले, इंस्टालेशन में क्या देखें और रोज़ाना रख-रखाव कैसे करें।
खरीदते समय क्या देखें
पहला काम: पैनल का डेटा शीट पढ़ें। नामी बातें जो जरूर चेक करें — पिक्सल क्षमता (Wp), अधिकतम पावर (Pmax), खुला सर्किट वोल्टेज (Voc), शॉर्ट सर्किट करंट (Isc) और तापमान कोऑफिसिएंट। तापमान कोऑफिसिएंट जितना कम होगा, गर्मियों में उतनी ही अच्छी परफॉर्मेंस मिलेगी।
टाइप चुनना है तो ये समझ लें:
- मोनोक्रिस्टलाइन: बेहतर एफिशियेंसी और छोटे स्पेस में अच्छा।
- पॉलीक्रिस्टलाइन: सस्ता, औसत एफिशियेंसी।
- थिन-फिल्म: कम वजन, कम एफिशियेंसी — बड़े क्षेत्र के लिए।
- बिफेशियल: दोनों तरफ से शुक्रम करता है, जमीन पर रिफ्लेक्शन से लाभ।
सर्टिफिकेशन ज़रूरी है — IEC 61215 और IEC 61730 और भारत में BIS देखें। वारंटी भी जान लें: प्रोडक्ट वारंटी (सामान्यतः 10–12 साल) और परफॉर्मेंस वारंटी (25 साल में ~80% आउटपुट गारंटी) महत्वपूर्ण हैं।
साइजिंग, इंस्टाल और मेंटेनेंस — सीधे तरीके
सिस्टम साइज का आसान फ़ार्मूला: आपके रोज़ के kWh उपयोग / औसत पीक सन ऑवर्स = आवश्यक kW। उदाहरण: महीने का बिल 300 kWh है तो रोज़ 10 kWh। मान लीजिए 5 पीक सन ऑवर्स हैं तो 10/5 = 2 kW। लॉस और इन्वर्टर इफिशिएंसी मिलाकर ~20% जोड़ें, तो 2.4 kW सिस्टम लें। यह एक शुरुआती अनुमान है — अंतिम आंकड़ा इंस्टॉलर से नाप कर तय कराएं।
इन्वर्टर और पैनल मैच करें: इन्वर्टर की क्षमता पैनल की पालीसिटी और वोल्टेज रेंज के अनुरूप होनी चाहिए। माउंटिंग सोलिड और सही एंगल पर होना चाहिए (आपके लोकेशन के अनुसार)। निगरानी (monitoring) सिस्टम लगवा लें ताकि रियल टाइम आउटपुट देखें।
रख-रखाव सरल है: हर 2–3 महीने में पैनल की सफाई, पत्ते या धूल हटाना, और विजुअल चेक — क्रैक्स, कनेक्शन ढीले तो तुरंत फिक्स। पोसित्रियल डिस्कैज (PID), माइक्रोक्रैक जैसी समस्याओं के लिए वार्षिक स्पेक्ट्रम टेस्ट या इंस्टॉलर की सर्विस लें।
सब्सिडी और नेट-मीटरिंग के नियम राज्य-वार बदलते हैं — प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले अपने राज्य की नीतियाँ और स्थानीय डिस्कॉम की शर्तें जरूर चेक करें।
अंत में, तेज़ निर्णय से बचें: तीन से चार पेशेवर इंस्टालरों से कोट मिलवाएं, ब्रांड की सर्विस नेटवर्क और रिव्यू पढ़ें और लिखित वारंटी समझ लें। अगर मदद चाहिए तो अपने स्थानीय इंस्टालर से साइट ऑडिट करवाइए — वही सबसे सटीक साइज और खर्च बताएगा।
भारत की सबसे बड़ी सौर फोटovoltaic मॉड्यूल निर्माता वारी एनर्जी 21 अक्टूबर, 2024 को अपने आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) को लॉन्च करने जा रही है। इस आईपीओ का मूल्य 4,321 करोड़ रुपये है। आईपीओ की कीमत बैंड 1,427 रुपये से 1,503 रुपये प्रति शेयर रखी गई है। 6 गीगावाट उत्पादन सुविधा के लिए धन जुटाने के इरादे से यह आईपीओ किया जा रहा है। ग्रे मार्केट प्रीमियम पहले से ही 85% पर है।