फिल्म रिव्यू: सच्ची राय, आसान भाषा

क्या कोई रिव्यू सच में बताता है कि फिल्म देखने लायक है या नहीं? यहाँ हम रेटिंग और ग्लैमर की जगह सीधे-सीधे बताते हैं कि कहानी काम करती है या नहीं, अभिनय कहां चमका और कहां ढीला पड़ा। हमारा तरीका सरल है — बिना जटिल शब्दों के, रोज़ की भाषा में।

हम कैसे रेट करते हैं

हमारी रेटिंग 1 से 5 स्टार तक होती है और हर स्टार का मतलब साफ होता है। हम चार बातें देखते हैं: कहानी और पटकथा, अभिनय, निर्देशन/तकनीक (कैमरा, एडिटिंग, साउंड) और मनोरंजन/भावनात्मक जुड़ाव। हर रिव्यू में आप पाएंगे एक छोटा सा सारांश — किस तरह का दर्शक फिल्म पसंद करेगा और किसे बचना चाहिए।

उदाहरण के लिए: "Afsos" की समीक्षा में हमने कहा कि फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और म्यूज़िक अच्छी हैं, पर धीमा पेस और जटिल सबप्लॉट सबके लिए नहीं हैं। वहीं शाहिद कपूर की "देवा" पर रिव्यू में हमने स्पष्ट किया कि पर्सनल परफॉर्मेंस ज़बरदस्त है, लेकिन कहानी का जुड़ाव कुछ दर्शकों को कम लग सकता है।

ताज़ा समीक्षाएँ और क्या पढ़ें

नयी रीलिज़ और ओटीटी की खबरें दोनों हम कवर करते हैं। यहाँ कुछ ताज़ा हाइलाइट्स:

  • Afsos (Amazon Prime) — डार्क कॉमेडी: शाब्दिक तौर पर कुछ हिस्से मज़ेदार, कुछ हिस्से उठाने के बाद भी निराश करते हैं।
  • देवा (शाहिद कपूर) — थ्रिलर: शाहिद का परफॉर्मेंस ताकतवर, पर कहानी का कनेक्शन सबके साथ नहीं बनता।
  • छावा (विक्की कौशल) — बॉक्स ऑफिस ट्रैक: आठवें दिन बड़ी कमाई ने बताया कि दर्शक इसे पसंद कर रहे हैं — किन हिस्सों ने толको बढ़ाया, वो भी रिव्यू में पढ़ें।
  • टॉक्सिक (यश) — टीज़र रिएक्शन: टीज़र से जो उम्मीदें बन रही हैं, उनके हिसाब से फिल्म के बड़े चेहरे और स्टाइल को हमने समझाया है।
  • राज कपूर पर विश्लेषण — क्लासिक फिल्मों में महिलाओं का चित्रण: पुराने और नए नजरियों का फर्क सरल भाषा में समझाया गया है।

क्या आप थिएटर में देखें या OTT पर? हमारे रिव्यू में यह साफ लिखा रहता है — अगर फिल्म का मज़ा बड़े स्क्रीन पर आता है तो हम थिएटर सुझाते हैं; अगर कहानी धीमी है लेकिन परफॉर्मेंस अच्छे हैं तो हो सकता है OTT बेहतर हो।

रिव्यू पढ़ते समय आप ध्यान दें: क्या रिव्यू सिर्फ प्लॉट बताता है या सीन-विश्लेषण भी देता है? क्या स्पॉइलर चेतावनी है? हमारे हर रिव्यू में स्पॉइलर नोटिफिकेशन रहता है, ताकि आप पहले से ही भ्रमित न हों।

अगर आप फ़िल्म देखने से पहले तेज़ सलाह चाहते हैं — हमारी 30 सेकंड रेटिंग देखें, या पूरी समीक्षा पढ़कर निर्णय लें। नया रिव्यू आने पर अपडेट पाने के लिए अनंत समाचार सब्सक्राइब करें और कमेंट में बताइए आप किस फिल्म की समीक्षा सबसे पहले पढ़ना चाहेंगे।

Inside Out 2 समीक्षा: नई भावनाओं का मिला-जुला अनुभव

Inside Out 2 समीक्षा: नई भावनाओं का मिला-जुला अनुभव
14 जून 2024 Anand Prabhu

फिल्म ‘Inside Out 2’ की समीक्षा में इसका पिछली फिल्म से तुलना की गई है। रिव्यू के अनुसार, सीक्वल की कहानी राइली के किशोरावस्था में प्रवेश और नई भावनाओं जैसे चिंता, शर्मिंदगी, ईर्ष्या, और उदासीनता से संघर्ष पर केंद्रित है। कुछ भावनात्मक पल कमजोर पड़ते हैं लेकिन हास्यपूर्ण लम्हे और खासकर अडèle एक्सार्चोपोलस के आवाज में एननुई का किरदार उल्लेखनीय है।