मानवता के खिलाफ अपराध: पहचानें और तुरंत कारवाइयां करें

एक ही घटना में बड़े पैमाने पर लोगों के खिलाफ हिंसा हो जाए — क्या इसे सिर्फ 'हिन्दलीक' कहकर टाला जा सकता है? ऐसे कृत्यों को अक्सर "मानवता के खिलाफ अपराध" कहा जाता है और ये सिर्फ नैतिक नहीं, कानूनी सवाल भी होते हैं। अगर आप किसी घटना के गवाह हैं या जानकारी मिली है, तो स्थिति को सही तरह से समझना और तुरंत सही कदम उठाना ज़रूरी है।

क्या गिना जाता है?

सरल भाषा में, मानवता के खिलाफ अपराध में वे कृत्य आते हैं जो व्यापक और संगठित तरीके से आम लोगों के खिलाफ किए जाएं — हत्या, बलात्कार, यातना, जबरन विस्थापन, गुलामी जैसा व्यवहार, और व्यवस्था के तौर पर किए जाने वाले अन्य अपराध। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोम स्टैच्यूट जैसी परिभाषाएँ हैं, लेकिन घरेलू स्तर पर इन्हें मुठ्ठीभर आपराधिक धाराओं के तहत भी सजा दी जा सकती है—जैसे हत्या, बलात्कार, यातना और सामूहिक हिंसा के मामले। ध्यान रखें: भारत अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत (ICC) का राज्य पक्षी नहीं है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई सरल नहीं होती।

आप क्या कर सकते हैं?

पहला कदम: सुरक्षा। अगर आप जोखिम में हैं तो पहले सुरक्षित जगह पहुंचें। दूसरी बात, सबूत बचाओ—फोटो, वीडियो, तारीख-समय वाले मैसेज, गवाहों के नाम। मेडिकल चेकअप कराएँ (मेडिको-लीगल रिपोर्ट) और डॉक्टर से लिखित प्रमाण लें।

फिर FIR दर्ज कराएँ या लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस को दें। अगर पुलिस कार्रवाई न करे तो जिलों की मानवाधिकार समिति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) या राज्य मानवाधिकार आयोग से संपर्क करें। महिला संबंधित मामलों में आप NCW या राज्य महिला आयोग की मदद ले सकते हैं।

कानूनी मदद लें—स्थानीय वकील, मानवाधिकार NGOs और वैकल्पिक कानूनी सेवा प्राधिकरण पीठें मदद कर सकती हैं। सबूत जमा करते समय, डिजिटल फाइलों की मूल प्रति और बैकअप रखें, और वीडियो/फोटो की मेटाडेटा बचाने की कोशिश करें। सोशल मीडिया पर ग्राफिक सामग्री साझा करने से पहले सोचें—विकसित खुफिया जानकारी कभी-कभी मामले को कमजोर कर देती है या पीड़ितों की निजता भंग कर सकती है।

दबाव बनाना है तो शांत और संगठित तरीके अपनाएँ: स्थानीय प्रतिनिधियों से मिलें, मीडिया को भरोसेमंद तथ्य दें, और नागरिक समाज के साथ साझेदारी करें। अगर मामला अंतरराष्ट्रीय ध्यान चाहता है तो बड़ी NGOs या अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं तक दस्तावेज भेजे जा सकते हैं, पर वहां पहुँचने के लिए ठोस और व्यवस्थित सबूत चाहिए।

अंत में, गलत सूचनाओं से बचें। फैले हुए अफवाहों और नकली नोटिस जैसी चीजें (जैसा सोशल मीडिया पर अक्सर दिखता है) मामले को उलझा देती हैं। हमेशा अधिकारिक स्रोतों और भरोसेमंद रिपोर्टिंग पर भरोसा रखें।

अगर आप गवाह हैं या पीड़ित के लिए मदद चाहिए तो तुरंत स्थानीय पुलिस, मानवाधिकार आयोग या भरोसेमंद एनजीओ से संपर्क करें और सबूत सुरक्षित रखें। ऐसे कदम ही बड़े अपराधों के खिलाफ असर दिखाते हैं।

ICC द्वारा हमास के नेताओं और इज़राइल के नेतन्याहू के खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट

ICC द्वारा हमास के नेताओं और इज़राइल के नेतन्याहू के खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट
20 मई 2024 Anand Prabhu

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) गाजा संघर्ष के दौरान कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए हमास के नेताओं यहया सिनवार, मोहम्मद डीफ और इस्माइल हनीया के साथ-साथ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट मांग रहा है।