महिला 10 मीटर एयर राइफल: क्या जानना जरूरी है
10 मीटर एयर राइफल महिला स्पर्धा स्टैंडिंग पोज़िशन में खेली जाती है और यह तेज़ी से लोकप्रिय हुई है। आप शुरुआत कर रहे हैं या प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं, यहां सीधे और उपयोगी बातें मिलेंगी — नियम, उपकरण, तकनीक और रोज़मर्रा के अभ्यास।
नियम और स्कोरिंग
क्वालिफाइंग राउंड में सामान्यतः 60 शॉट होते हैं और हर शॉट का अधिकतम स्कोर 10.9 तक आंका जाता है। टॉप 8 शूटर फाइनल में पहुंचते हैं, जहां शॉट सीरीज़ और एलिमिनेशन नियम के अनुसार विजेता तय होता है। हर स्पर्धा के नियमानुसार शॉट टाइम और शूटिंग के पूर्व तैयारी समय को फॉलो करना अनिवार्य है।
स्कोरिंग में डेसिमल सिस्टेम इसलिए होता है ताकि छोटे-से-छोटे अंतर को भी परखा जा सके। इसलिए सच्ची स्थिरता और हर शॉट की सटीकता मायने रखती है।
उपकरण और तैयारी
राइफल: 4.5mm (.177) एयर राइफल का उपयोग होता है। वजन और बैलेंस दोनों का ध्यान रखें — छोटे बदलाव भी निशाने पर असर डालते हैं।
अन्य जरूरी चीजें: शूटिंग जैकेट, शूटिंग ग्लव, शूटर के जूते और अच्छी क्वालिटी के पेललेट। जैकेट और ग्लव शरीर को स्थिर रखते हैं; लेकिन ज्यादा कसा हुआ कपड़ा मूवमेंट रोक सकता है, इसलिए आराम और सपोर्ट का संतुलन जरूरी है।
रेंज सेटअप: 10 मीटर दूरी, सही लाइटिंग और बैकग्राउंड का फर्क शॉट पर असर डालता है। प्रतियोगिता से पहले उसी तरह का सेटअप अभ्यास में लगाएं।
ट्रेनिंग टिप्स (रोज़मर्रा)
सही ब्रीदिंग: सांस को नियंत्रित रखें। शॉट से पहले एक लंबा लेकिन आराम से बाहर छोड़ें और नेचुरल सांस पकड़े हुए निशाने पर फोकस करें।
ट्रिगर कंट्रोल: धीरे और स्थिर ट्रिगर प्रेस सीखें। झटके में प्रेस करने से निशाना हटता है।
ड्राई फायरिंग: बिना पेललेट के राइफल रखकर अभ्यास करें। यह तकनीक मूवमेंट और ट्रिगर रूटीन सुधारती है।
मेन्टल रूटीन: हर शॉट से पहले एक छोटा रूटीन बनाएं — लक्ष्य सेट, सांस, शॉट। प्रतियोगिता में यह रूटीन आपको आराम देगा और दबाव कम करेगा।
डाटा रिकॉर्डिंग: हर सेशन के बाद शॉट ग्रुपिंग और स्कोर नोट करें। छोटे-छोटे पैटर्न दिखेंगे — जैसे थका हुआ होने पर स्कोर किस दिशा में गिरता है। उस हिसाब से सुधार करें।
सामान्य गलतियाँ और सुधार
1) फ्लिंचिंग: शॉट के समय शरीर झटके से हिलता है — इसका समाधान धीमी ट्रिगर प्रेस और ड्राई फायर रिपीट है।
2) गलत फिटिंग: जैकेट या स्टॉक सही तरह फिट न हो तो पोस्टure बिगड़ती है — प्रो से फिटर करवा लें।
3) अनियमित अभ्यास: छोटे लेकिन नियमित सत्र ज्यादा असरदार होते हैं। सप्ताह में एक बार लंबा सत्र करने से बेहतर रोज़ 30-45 मिनट का फोकस्ड अभ्यास है।
अगर आप प्रतिस्पर्धा की सोच रहे हैं तो लोकल क्लब और कोच से जुड़ें, रेंज नियम जानें और छोटे टूर्नामेंट में हिस्सा लें। अभ्यास, सही उपकरण और शांत दिमाग—इन तीनों से फर्क दिखेगा।
पेरिस ओलंपिक्स 2024 में महिला 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में रमिता जिंदल ने इतिहास रचते हुए फाइनल में जगह बना ली है। हालांकि, उनकी हमवतन एलेवनिल वलारिवन को निराशा हाथ लगी। यह पहला मौका है जब 20 वर्षों बाद कोई भारतीय महिला निशानेबाज ओलंपिक्स में राइफल फाइनल में पहुंची है।