कॉर्नियल डैमेज — आंख की सतह पर चोट या घाव क्या करें
क्या आपकी आंख में तेज दर्द, लालिमा या धुंधला दिखना शुरू हो गया है? ये कॉर्नियल डैमेज यानी कॉर्निया (आंख की पारदर्शी सतह) की चोट के संकेत हो सकते हैं। कॉर्निया छोटी सी लेकिन बहुत संवेदनशील होती है। सही समय पर कदम न उठाएं तो देखने की समस्या बढ़ सकती है।
सबसे पहले पहचानें कि चोट किस तरह की है। क्या कुछ तेज़ चला गया (धूल, धागा, धातु कण), रासायनिक छींटे लगे, या किसी तेज़ चोट से चोट लगी? हर कारण के लिए तुरंत और अलग व्यवहार करना जरूरी है।
तुरंत करने योग्य प्राथमिक कदम
1) रगड़ना बिल्कुल बंद करें — आंख में कुछ चला गया हो तो रगड़ना और नुकसान कर सकता है।
2) संपर्क लेंस हटाएं — अगर लेंस पहने हैं तो धीरे से निकालें।
3) धोएँ और फ्लश करें — साफ, ठंडा पानी या सालाइन से आंख को 10–20 मिनट तक बहाएं, खासकर रसायन लगे हों।
4) ढक दें पर दबाव न डालें — फैल पट्टी से ढककर आंख को हिलने से बचाएं।
5) घरेलू दवाइयाँ या नेत्र सलाइन के अलावा कुछ डालने से पहले डॉक्टर से पूछें।
रासायनिक घाव में, पानी से फ्लश करना सबसे अहम है — जितनी जल्दी उतना बेहतर। एसिड या क्षार किसी भी तरह हों, पानी तुरंत लगाएं और फिर नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएँ।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ?
नीचे किसी भी लक्षण का मिलना इमरजेंसी समझें: तेज और बढ़ता दर्द, अचानक कम होती दिखने की शक्ति, आंख से खून या गाढ़ा स्राव, रसायन का छींटा, या चोट के बाद भी लक्षण सुधर न रहे हों। अक्सर नेत्र रोग विशेषज्ञ ने कॉर्नियल स्टेन, स्लिट लैम्प और कल्चर करके ठीक इलाज तय करते हैं।
निदान के बाद इलाज में एंटीबायोटिक या एंटिफंगल ड्रॉप्स, सूजन घटाने वाली दवाइयां और कभी-कभी पैचिंग या छोटी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं। गंभीर मामलों में कॉर्निया प्रत्यारोपण (करनियोप्लास्टी) की जरूरत भी पड़ सकती है।
प्रिवेंशन पर ध्यान दें — वर्कशॉप या लैब में सुरक्षा चश्मा लगाएं, कॉन्टैक्ट लेंस की सफाई और समय पर बदलें, और घर पर तेज रसायनों से सावधानी रखें। चोट लगते ही चुपचाप घरेलू उपाय की बजाय जल्दी नेत्र चिकित्सक से मिलें।
अगर संदेह है या लक्षण हल्के भी दिखें, एक बार जांच करवा लेना बेहतर है। आंख छोटी सी चीज़ लगती है पर देखभाल में देरी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। अपने अनुभव या सवाल नीचे शेयर करें — मैं मदद कर सकता/सकती हूँ।
टीवी अभिनेत्री जस्मिन भसीन को कॉर्नियल डैमेज होने के बाद आंखों में गंभीर दर्द और धुंधला दिखने की समस्या हुई। दिल्ली में एक इवेंट के दौरान लेंस पहनने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। जस्मिन का मुंबई में इलाज चल रहा है और वह ठीक होने की उम्मीद कर रही हैं।