एंजल टैक्स: स्टार्टअप्स के लिए आसान समझ
क्या आपने कभी पूछा कि निवेशक जब आपकी कंपनी में शेयर प्रीमियम के साथ पैसा देते हैं तो टैक्स कब लगता है? यही एंजल टैक्स का मामला है। बहुत से फाउंडर्स और निवेशक इसे देखकर चकरा जाते हैं, पर सही तैयारी से समस्या हल हो सकती है।
एंजल टैक्स क्या है?
सरल शब्दों में, एंजल टैक्स तब लगता है जब एक अनलिस्टेड कंपनी को निवासी निवेशक (resident investor) किसी शेयर के लिए वास्तविक बाजार मूल्य से ज्यादा कीमत पर भुगतान करते हैं। आयकर विभाग इस अतिरिक्त राशि को "अन्य आय" मानकर कर लगाता है। कानून में यह आमतौर पर Section 56(2)(viib) के अंतर्गत आता है।
लेकिन हर स्थिति में टैक्स नहीं लगता। सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए अलग छूटें और नियम बनाए हैं, खासकर DPIIT (पहले DIPP) से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के लिए। विदेशी निवेश, सरकारी नीतियों, और वैल्यूएशन के तरीके भी असर डालते हैं।
स्टार्टअप के लिए प्रेक्टिकल टिप्स
अब सीधे-सीधे काम की बातें — क्या करें ताकि बाद में आईटी का नोटिस न मिले और निवेश सुरक्षित रहे:
- वैल्यूएशन क्यों जरूरी है? — शेयर की कीमत के ठीक होने के लिए वैल्यूएशन रिपोर्ट लें। बेहतर है कि रेगुलर वैंचर वैल्यूएटर या कैटेगरी-I मर्चेंट बैंकर से रिपोर्ट करायें।
- DPIIT से रजिस्ट्रेशन लें — मान्यता मिलने पर कई मामलों में छूट आसानी से मिलती है।
- लेन-देन दस्तावेज रखें — निवेशक का KYC, बैंक ट्रांजैक्शन, शेयर होल्डिंग पैटर्न, बोर्ड रिज़ॉल्यूशन और निवेश समझौते हमेशा उपलब्ध रखें।
- रिज़नैबल ऑडिट और अकाउंटिंग — कैपिटल और प्रीमियम को सही जगह पर बुक करें, और ऑडिटर की राय लेकर रखें।
- निवेश किस तरह आया — विदेशी निवेश या विदेशी फंड से आया है तो अलग नियम लागू हो सकते हैं; FEMA और RBI नियम देखें।
अगर आयकर विभाग नोटिस दे दे तो घबराइए मत। सबसे पहले CA से सलाह लें और वैल्यूएशन व दस्तावेज पेश करें। कई बार सही डॉक्यूमेंट दिखाने पर मामला सुलझ जाता है या छूट मिल जाती है।
एक और बात: निवेश से पहले निवेशक और कंपनी दोनों की जिम्मेदारियाँ क्लियर रखें। SAFE या convertible नोट्स में भी वैल्यूएशन इश्यू आ सकता है, इसलिए टर्मशीट में टैक्स क्लॉज़ जोड़ें ताकि भविष्य में विवाद न हो।
अंत में, मैंने जो बताया वह रोज़ाना केसों में काम आने वाला व्यवहारिक तरीका है — वैल्यूएशन करवाएं, DPIIT रजिस्ट्रेशन चेक करें, सभी डॉक्यूमेंट व्यवस्थित रखें और नोटिस आने पर प्रोम्प्टली जवाब दें। इससे एंजल टैक्स को लेकर अनचाही परेशानियाँ कम होंगी और निवेश सुरक्षित रहेगा।
अगर आप चाहें तो मैं आपको एक सरल चेकलिस्ट भेज सकता हूँ जिसे आप निवेश से पहले फॉलो कर लें। चाहेंगे?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में एंजल टैक्स को हटाने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और नवाचार का समर्थन करना है। एंजल टैक्स 2012 में शामिल किया गया था, जिसे इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 56(2)(viib) के तहत लागू किया गया था। इसका उद्देश्य अनलिस्टेड कंपनियों द्वारा शेयरों के जरिए जुटाए गए निवेशों पर कर लगाना था।