दिल्ली महिला आयोग: आपकी शिकायत, आपकी सुरक्षा
दिल्ली महिला आयोग (DCW) महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा से जुड़ा एक सरकारी संस्थान है। अगर आपको घर, काम या सार्वजनिक जगह पर धमकी, उत्पीड़न, नौकरी में भेदभाव या साइबर अपराध का सामना करना पड़ा है, तो आयोग शिकायत सुनता है और मदद करता है। यहाँ आसान तरीके से बताया गया है कि आप किस तरह आयोग से संपर्क कर सकती/सकते हैं और कौन-कौन सी सेवाएँ मिलती हैं।
कौन‑सी शिकायतें आयोग में दर्ज कर सकते हैं?
आयोग घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, काम पर भेदभाव, दहेज़ से जुड़ी शिकायतें, साइबर उत्पीड़न, मानव तस्करी की आशंका और सरकारी या प्राइवेट संस्थानों की अनदेखी जैसी समस्याओं पर हस्तक्षेप करता है। अगर किसी सरकारी विभाग ने नियमों का उल्लंघन किया है या पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की तो भी आयोग को बताया जा सकता है।
शिकायत कैसे दर्ज करें — आसान स्टेप्स
सबसे पहला कदम: अपने पास मौजूद सबूत और घटनाओं का क्रम लिख लें। तारीख, समय, जगह और शामिल लोगों के नाम नोट कर लें।
ऑनलाइन: दिल्ली महिला आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत फॉर्म भरकर आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं। फॉर्म में घटना का विवरण, संपर्क जानकारी और उपलब्ध सबूत (फोटो, संदेश, रिकॉर्डिंग) अपलोड करने का विकल्प होता है।
ऑफलाइन: अगर ऑनलाइन संभव न हो तो आयोग के कार्यालय में जाकर लिखित शिकायत दे सकते हैं। कई बार स्थानीय NGO या वकील मदद कर देते हैं।
आपातकाल: यदि जान को खतरा है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं और आपातकालीन हेल्पलाइन पर कॉल करें। आयोग के पास भी शिकायत दर्ज कराते समय आप पुलिस कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज: पहचान पत्र (Aadhaar/पासपोर्ट/वोटर), घटनाओं के सबूत जैसे स्क्रीनशॉट, मेडिकल रिपोर्ट (अगर चोट हुई हो), गवाहों के नाम। दस्तावेजों की कॉपी तैयार रखें।
क्या उम्मीद रखें: आयोग शिकायत की जांच करता है, संबंधित विभाग/पुलिस से जवाब मांगता है और ज़रूरत पड़ने पर कानूनी सलाह व मनोवैज्ञानिक सहायता देता है। हर केस अलग होता है; कुछ में तुरंत हस्तक्षेप मिलता है, कुछ में समय लग सकता है।
कैसे मदद करें किसी और की: अगर कोई जान पहचान वाली महिला परेशान है तो उसे सुरक्षित जगह पर ले जाएँ, घटना लिखवाने में मदद करें और प्रमाण एकत्र करने में साथ दें। पीड़िता की मर्जी के बिना कोई कदम न लें—उसकी सहमति जरूरी है।
अनंत समाचार पर हम दिल्ली महिला आयोग से जुड़ी ताज़ा खबरें और केस‑अपडेट्स भी लाते हैं। अगर आप चाहें तो आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या नज़दीकी सहायता केंद्र से सीधे संपर्क कर लें। याद रखें, मदद मांगना कमजोरी नहीं, हक के लिए खड़ा होना है।
दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और AAP सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित हमले का मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने घटना की निंदा करते हुए जांच की मांग की है। सचदेवा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के निजी स्टाफ पर मालीवाल पर हमला करने का आरोप लगाया है।