बजट 2024: जानें तुरंत असर और क्या करना चाहिए

बजट 2024 ने कई फैसले लिये हैं जो सीधे आपके घर-खर्च और निवेश पर असर डाल सकते हैं। क्या टैक्स घटा या बढ़ा? किस सेक्टर को फायदा मिला? यहाँ सीधे, सरल और काम आने वाली जानकारी मिल जाएगी ताकि आप जल्दी निर्णय ले सकें।

मुख्य घोषणाएँ और उनका असर

पहली चीज़—टैक्स स्लैब और छूटों पर नजर रखें। अगर सरकार ने व्यक्तिगत आयकर में कोई छूट बढ़ाई है तो आपकी नेट इनकम में फर्क आएगा। वहीँ कॉर्पोरेट टैक्स या बेसिन टैक्स में बदलाव व्यवसायों की लागत को बदल सकता है, जिससे नौकरियों और कीमतों पर प्रभाव पड़ेगा।

दूसरा—इन्फ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स। अगर बजट में सड़क, रेलवे या ऊर्जा पर ज्यादा खर्च का ऐलान हुआ है तो इन सेक्टर की कंपनियों के शेयर और स्थानीय रोजगार पर फायदा दिख सकता है। यह ग्रामीण और शहरी दोनों जगहों पर मांग बढ़ा सकता है।

तीसरा—कृषि और ग्रामीण विकास के लिए योजनाएँ। अधिक अनुदान या सब्सिडी का मतलब किसानों की खरीद शक्ति बढ़ना और खाने की कीमतों में स्थिरता। इससे खाद्य पदार्थों की सप्लाई और उपभोक्ता महँगाई दोनों पर असर पड़ता है।

चौथा—स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं में निवेश। यदि ये सेक्टर बढ़े हैं तो सार्वजनिक सेवाएँ बेहतर होंगी और लॉन्ग-टर्म में रोजगार के मौके बढ़ेंगे।

आपके लिए क्या करें: त्वरित सुझाव

पहला कदम—अपना टैक्स प्लान चेक करें। नया बजट लागू होने के बाद तुरंत अपने इनकम टैक्स स्लैब, कटौतियों और निवेश विकल्पों को परखें। 80C, HRA, और सेक्शन 10 जैसी कटौतियाँ आपकी टैक्स बचत बदल सकती हैं।

दूसरा—निवेश रणनीति अपनाएँ। अगर सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया है तो लंबी अवधि के लिए संबंधित म्यूचुअल फंड या शेयर देख सकते हैं। वहीं, फ्लैट-रिस्क के लिए पीपीएफ, फिक्स्ड डिपॉज़िट और गोल्ड को बैलेंस रखें।

तीसरा—कर्ज और ब्याज की जांच करें। RBI की नीति पर नजर रखें क्योंकि बजट के बाद ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद रहती है। अगर होम लोन या पर्सनल लोन है तो रिफायनेंसिंग के विकल्प देखें।

चौथा—घरेलू बजट अपडेट करें। घर की मासिक आमदनी-खर्च को बजट की घोषणाओं के अनुसार दोबारा देखें—खासकर ईंधन, खाद्य और बिजली बिल पर असर की वजह से।

पाँचवाँ—सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएँ। नए सब्सिडी, स्कीम या DBT सुविधाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन समय पर कर लें। यह आप तक सीधे पैसा या सेवाएँ पहुँचा सकती हैं।

बजट 2024 सिर्फ सरकारी दस्तावेज़ नहीं है—यह आपके रोज़मर्रा के फैसलों को प्रभावित करेगा। आप किस सेक्टर में हैं, आपकी आय कितनी है और आपकी योजना क्या है, ये तय करेगा कि घोषणाएँ आपके लिए अच्छी हैं या नहीं। जरूरत हो तो अपने टैक्स सलाहकार या फाइनेंशियल प्लानर से बात कर लें। सवाल हैं? बताइए, किस हिस्से की जानकारी चाहिए—टैक्स, निवेश या सरकारी योजनाएँ?

बजट 2024: स्टार्टअप्स और निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए एंजल टैक्स हटाया गया

बजट 2024: स्टार्टअप्स और निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए एंजल टैक्स हटाया गया
23 जुलाई 2024 Anand Prabhu

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में एंजल टैक्स को हटाने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और नवाचार का समर्थन करना है। एंजल टैक्स 2012 में शामिल किया गया था, जिसे इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 56(2)(viib) के तहत लागू किया गया था। इसका उद्देश्य अनलिस्टेड कंपनियों द्वारा शेयरों के जरिए जुटाए गए निवेशों पर कर लगाना था।