17 वर्षीय चालक — क्या करना चाहिए जब आपका या कोई किशोर गाड़ी चलाना चाहता/चाहती है?
सड़क पर युवा ड्राइवर देख कर दिल धड़कना स्वाभाविक है। 17 साल के चालक से जुड़ी बातें सिर्फ कानून तक सीमित नहीं हैं — यह आपकी और दूसरों की जान का मामला भी है। नीचे सीधी, काम की जानकारी मिलती है: क्या रिस्क हैं, कानून की झलक और तुरंत क्या कदम उठाएं।
कानून और बीमा — असल असर
सरल भाषा में: कई जगहों पर स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस की न्यूनतम आयु 18 साल के आस-पास रहती है। इसलिए बिना लाइसेंस या नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर पुलिस कार्रवाई, चालान और फाइन संभव है। अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो बीमा कंपनी क्लेम अस्वीकार कर सकती है या कटौती कर सकती है—क्योंकि वाहन को अनलाइसेंस्ड ड्राइवर चला रहा था। इसीलिए किसी भी निर्णय से पहले अपने स्थानीय RTO नियम और वाहन बीमा की शर्तें जरूर चेक करें।
तुरंत करने लायक व्यवहारिक कदम
माता-पिता या अभिभावक के तौर पर क्या करें? पहले बात करें, सख्ती और समझ दोनों दिखाएं। चाबियाँ छुपाएं या गाड़ी एक्सेस सीमित रखें। अगर बच्चा ड्राइविंग सीखना चाहता है तो प्रमाणित ड्राइविंग स्कूल में दाखिला कराएं और लेन्डर परमिट की शर्तें पूरा करवाएं—किसी अनुभवी, लाइसेंसधारी वयस्क के साथ ही प्रैक्टिस हो।
किशोरों के लिए साफ नियम बनाएं: रात में ड्राइव न करें, फोन इस्तेमाल बिल्कुल न करें, स्पीड सीमा और सीटबेल्ट का सख्ती से पालन करें। अगर मित्र दबाव डाल रहे हों तो खुलकर बात करें—"ना" कहने का अधिकार सिखाएं।
यदि कोई हादसा हो जाए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, मेडिकल सहायता लें और बीमा कंपनी को भी रिपोर्ट करें। नाबालिग होने पर कानूनी प्रक्रिया अलग हो सकती है—इसलिए वकील की सलाह लेना उपयोगी रहता है।
स्कूल और समुदाय भी जिम्मेदारी निभा सकते हैं: रोड सेफ्टी वर्कशॉप, सिमुलेटर ट्रेनिंग और माता-पिता के लिए सेमिनार आयोजित करें। छोटे-छोटे नियम घर से लागू करने से बड़ा फर्क आता है—जैसे गाड़ी की चाबी केवल तब दी जाए जब कोई लाइसेंसधारी साथ हो।
आखिर में, क्या करना बेहतर है? जल्दबाजी में वाहन की चाबी देने से बचें। ड्राइविंग सीखना जरूरी है, पर सही तरीके से और सुरक्षित वातावरण में ही होना चाहिए। कानून, बीमा और सुरक्षा — तीनों को एक साथ रखें तभी नतीजा बेहतर मिलेगा।
अगर आप चाहें तो मैं आपको पेरेंट-टिप्स, ड्राइविंग स्कूल चुनने का तरीका या दुर्घटना के बाद तुरंत क्या-क्या दस्तावेज चाहिए, इन सब पर एक आसान चेकलिस्ट दे सकता/सकती हूं। बताइए क्या चाहिए?
पुणे के कल्याणी नगर में एक 17 वर्षीय चालक द्वारा पोर्श दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई। मामले में सबूतों की छेड़छाड़ और चुप कराने के प्रयास के आरोप लगे हैं। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य नेताओं पर आरोप है।