जयपुर में एलपीजी संकट: ऑटो में 250 रुपये, कार में 500 रुपये की सीमा

जयपुर में एलपीजी संकट: ऑटो में 250 रुपये, कार में 500 रुपये की सीमा
27 मार्च 2026 Anand Prabhu

जयपुर की सुबह अब फुदड़ों से नहीं, बल्कि खाली टैंकों की चिंताओं से शुरू होती है। यहाँ के ऑटो-रिक्शा और कार चालकों ने एक नई हकीकत झेलनी पड़ी है—पंप पर जाना मुश्किल नहीं, बल्कि इंतजार करना सस्ती चीज नहीं रहा। पंप ऑपरेटर्स ने राशनिंग शुरू कर दी है, जहाँ ऑटो-रिक्शा चालकों को केवल 250 रुपये और कार मालिकों को 500 रुपये की एलपीजी गैस ही भरने की इजाजत मिल रही है।

यह कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि शहर की सांस रोने वाला संकट है। वही लोग जो पहले शाम को घर वापस आते थे, अब सुबह छह बजे निकल पड़ रहे हैं और दोपहर तक लंबी लाइन में लग गए होते हैं। तीन से चार घंटे का इंतज़ार आम बात बन चुका है। ड्राइvers कहते हैं कि इस मर्यादा का असर सीधा हमारी रोज़ी-रोटगी पर पड़ रहा है।

राशन करने वाले नियम और चालकों की मजबूरी

जमींदर की तरह पंप मालिकों ने नियम बना दिए हैं। ऑटो वाला अगर 250 रुपये भरता है, तो उसकी गाड़ी कुल मिलाकर 100 से 125 किलोमीटर ही चल पाती है। इससे आगे जाने का मतलब है कि जब वापसी का समय आए, तो पंप पर फिर दौड़ना पड़ेगा। और सबसे बड़ी बात—वापसी का भरोसा नहीं होता।

एक स्थानीय ऑटो चालक ने बताया कि अगर उन्हें किसी ग्राहक को दूर ले जाना हो, तो वे मना कर देते हैं।" क्यों? क्योंकि वापस कैसे आएंगे?" ये सवाल हर दिन उनके दिमाग में घूम रहे हैं। ऐसा करके वे अपने पास मौजूद पैसे भी कम होने के खतरे में डाल रहे हैं।

सड़कों पर गायब हुए 5,000 ऑटो

आंकड़े देखते हैं तो स्थिति और गंभीर लगती है। अनुमान है कि लगभग 5,000 ऑटो-रिक्शा पूरी तरह से जयपुर की सड़कों से हटा चुके हैं। कारण साधारण है—लागत ज्यादा, लाभ कम। चालक अब सफाई करते हैं कि उनकी हालत बेहतर है जब वे घर बैठते हैं। इसके बाद यात्रियों को भी भारी दुःख सहना पड़ रहा है।

जो ऑटो बाकी बचे हैं, उन्होंने किराए में बढ़ोतरी कर दी है। जिसकी वजह से साधारण नागरिकों की जेब पर और बोझ बढ़ा है। यह क्रम शहर के परिवहन प्रणाली को धीमा कर रहा है।

बस 14 पंप और भविष्य का डर

बस 14 पंप और भविष्य का डर

स्थानीय गैस कंपनियाँ कह रही हैं कि पूरे जयपुर में एलपीजी पंप केवल 14 ही हैं। इनमें से अधिकांश अब अपनी आपूर्ति बंद रखने को मजबूर हैं। ड्राइवरों के मुताबिक, अगर जल्दी यह समस्या नहीं सुलझी, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

अभी भी स्पष्टता नहीं है कि सरकार या निगम इस मुद्दे पर क्या योजना रख रहा है। लोग डर रहे हैं कि चाहे बारिश हो या गर्मी, यह संकट जारी रहेगा। सड़कों पर गाड़ियाँ कम हैं, लेकिन गैस स्टेशनों पर ताबादूली का इंतजार आज भी उतना ही है।

Frequently Asked Questions

Frequently Asked Questions

जयपुर में एलपीजी की कमी का मुख्य कारण क्या है?

हालांकि आधिकारिक विवरण स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय पंप मालिकों के अनुसार पूर्ण आपूर्ति का अभाव और डिस्ट्रिब्यूशन प्रॉब्लम इसके पीछे का कारण बताई जा रही है। पूरे शहर में मात्र 14 पम्प उपलब्ध होने से भी समस्या बढ़ रही है।

क्या ऑटो चालक पूरे दिन गैस भर सकते हैं?

नहीं, वर्तमान नियम के तहत प्रति व्यक्ति प्रति दिन केवल 250 रुपये तक की गैस ही मिलाई जा रही है। यह राशि महज 100-125 किलोमीटर तक यात्रा के लिए काफी है, जिससे वापसी में फिर पंप पर जाना पड़ता है।

यह संकट यात्रियों को किस प्रकार प्रभावित कर रहा है?

शहर से लगभग 5,000 ऑटो हट गए हैं, जिससे परिवहन की कमी हुई है। जीते हुए ऑटो वाले किराए में वृद्धि कर रहे हैं, जिससे आम जनता के लिए यात्रा का खर्चा बढ़ गया है और सस्ता मीलना मुश्किल हो गया है।

आगामी दिनों में क्या समाधान की उम्मीद है?

वर्तमान में कोई तत्पर समाधान नहीं दिखा रहा है। ड्राइवरों का मानना है कि यदि आपूर्ति स्तर सामान्य नहीं हुआ, तो परिस्थितियां और बिगड़ सकती हैं, जिससे सड़क परिवहन पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।

18 टिप्पणि

saravanan saran
saravanan saran मार्च 29, 2026 AT 11:12

यह पूरा एलपीजी का संकट हमारे शहर की आवाज़ दबा रहा है। हर दिन सुबह पंप पर जाने से पहले सोचते हैं कि क्या आज गैस मिलेगी। ड्राइवरों की स्थिति देख कर दिल ही दुख जाता है। जो लोग रोज़मर्रा में ऑटो से चल रहे थे अब घर पर बैठे हैं। सरकार को कुछ कदम उठाने चाहिए इस समय। आम जनता की चिंता बढ़ रही है प्रत्येक दिन।

SAURABH PATHAK
SAURABH PATHAK मार्च 30, 2026 AT 04:51

भाई ये तो बहुत बड़ी समस्या बन गई है जयपुर में। मुझे लगता है कि पंप मालिक अपनी मर्जी से ऐसा कर रहे हैं। अगर सरकार सही से जांच करे तो सब सामने आएगा।

Sharath Narla
Sharath Narla मार्च 31, 2026 AT 04:21

हाँ यार, यह बात सही है। मुझे भी एक ऑटो वाले ने बताया था कि 250 रुपये भरना पड़ता है। फिर वो पूरे दिन कैसे काम करेंगे? लाइन में खड़े होकर इंतजार करना ही उनकी रूटीन बन गया। लोग कहते हैं कि यह राजनीतिक खेल है लेकिन आम आदमी ही भुगत रहा है। मैं खुद देखा हूं दोपहर तक लाइनों में लोग ठाट लगाए खड़े। कुछ दिनों बाद ऑटो वालों ने हड्डी तोड़ ली होगी। वैसे भी हमने कभी सोचा नहीं था कि शहर में ऐसी स्थिति आ सकती है।

Priyank Prakash
Priyank Prakash मार्च 31, 2026 AT 15:51

OMG!! 😱 यह तो बहुत बुरा खबर है ना! मैं तो डर भी गया हूं! 😭😭 पंप पर जाना ही मुश्किल है अभी! 🚗💨 लोग इतना सहन कर रहें हैं!! 😢 यह सरकार क्या सोच रही है?? 👀👀 अरे ओ भाई मेरे!! 😤😤

shrishti bharuka
shrishti bharuka अप्रैल 2, 2026 AT 09:01

यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। हालांकि मुझे लगता है कि धैर्य रखना जरूरी है।

Senthilkumar Vedagiri
Senthilkumar Vedagiri अप्रैल 3, 2026 AT 01:56

ये सब साजिश है बाकी चीज़ों में भी ढील है ये तो नज़रिया बदला हुआ है सबके पास गैस स्टेशन कंट्रोल हो चुका होगा इनको किसी ने मिला दिया हो सकता है कोई और कारण भी हो सकता है मुझे तो लगता है कि यह पूरी तरह से प्लान है

Kartik Shetty
Kartik Shetty अप्रैल 3, 2026 AT 11:00

आर्थिक तर्क के अनुसार आपूर्ति और मांग का असंतुलन इसे पैदा करता है। बाजार की परिस्थितियों के साथ-साथ नीति निर्णय भी प्रभावित करते हैं।

Mayank Rehani
Mayank Rehani अप्रैल 3, 2026 AT 11:09

व्यावहारिक स्तर पर हमें वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार करना चाहिए। टिकाऊ परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। स्थानीय स्तर पर समुदाय सहयोग से कुछ किया जा सकता है।

Anirban Das
Anirban Das अप्रैल 5, 2026 AT 10:04

बहुत बुरा हाल है :(

Anamika Goyal
Anamika Goyal अप्रैल 5, 2026 AT 22:17

मुझे ऑटो वालों की स्थिति बहुत अच्छे से पता है। वे लोग भी अपना गुज़ारा करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर उन्हें मदद मिल जाए तो यह संकट कम होगा। मुझे लगता है कि हम सभी को उनके साथ समझ दर्शानी चाहिए।

Prathamesh Shrikhande
Prathamesh Shrikhande अप्रैल 6, 2026 AT 14:32

😔😔 बहुत ही दुखद स्थिति है। ड्राइवरों के लिए यह सच में कठिन समय है 🚕💨

Arun Prasath
Arun Prasath अप्रैल 8, 2026 AT 03:57

टेक्निकल रूप से 14 पंप ही शहर में उपलब्ध हैं और डिस्ट्रिब्यूशन चेन में समस्या है। यदि आपूर्ति लाइन ठीक हो तो समस्या हल होगी। विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए।

Priya Menon
Priya Menon अप्रैल 9, 2026 AT 15:48

अत्यधिक औपचारिक तरीके से कहा जाए तो यह एक महत्वपूर्ण अवसर है जिसे लेकर हमें गंभीरता से सोचना चाहिए। समाधान निकालने के लिए प्रशासन की तरफ से कठोर कार्यवाही अपेक्षित है।

Nikita Roy
Nikita Roy अप्रैल 10, 2026 AT 08:32

हमें सबको मिलकर इस पर काम करना चाहिए। उम्मीद है कि जल्द कुछ सुधार होगा। सरकारी अधिकारियों को सही निर्देश मिलने चाहिए ताकि समस्या का समाधान निकले।

Jivika Mahal
Jivika Mahal अप्रैल 11, 2026 AT 21:03

मैं अपने ऑटो वाले दोस्त से बात किया था। उन्होंने बताया कि जब गैस नहीं मिलती तो लोग इधर-उधर कहीं नहीं जा सकते। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। महिलाएं बारीक चीजें नहीं ला सक रही।

Anu Taneja
Anu Taneja अप्रैल 13, 2026 AT 07:59

मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर ज्यादा आवाज़ उठनी चाहिए।

vipul gangwar
vipul gangwar अप्रैल 14, 2026 AT 18:07

परिस्थितियां गंभीर हैं। मैंने स्वयं कई बार देखा है पंप पर लोगों की लंबी लाइन। यह स्थिति आर्थिक और सामाजिक दोनों पहलुओं को प्रभावित कर रही है। मुझे उम्मीद है कि प्रशासन जल्दी इस पर ध्यान देगा।

Robin Godden
Robin Godden अप्रैल 16, 2026 AT 08:45

हालाँकि यह एक चुनौतीपूर्ण समय है, हमें सकारात्मक रहना चाहिए। समाधान के लिए टीमवर्क और समन्वय जरूरी है।

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