28 सितंबर 2025 को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एक मैच ऐसा खेला गया, जिसने सिर्फ क्रिकेट के इतिहास को नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया के राजनीतिक और सांस्कृतिक भावनाओं को भी बदल दिया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की टीम ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एशिया कप 2025 का खिताब जीत लिया — ये थी टूर्नामेंट के 41 साल के इतिहास में पहली बार जब दोनों देशों की टीमें फाइनल में मुकाबला कर रही थीं। लेकिन जीत सिर्फ रनों और विकेटों की नहीं थी। ये एक भावना थी। एक ऐसा जश्न जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कहकर समझाया।
फाइनल का विस्तृत विवरण: गेंदबाजी की जीत, बल्लेबाजी की शान
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन उनका स्कोर 146 रन तक ही सीमित रहा। भारत के स्पिनर कुलदीप यादव ने 4 विकेट झटके — उनकी गेंदों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को बेकाबू कर दिया। जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने 2-2 विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। पाकिस्तान की ओर से फरहान अली ने 42 रन बनाए, लेकिन टीम का कोई भी बल्लेबाज 50 रन पार करने में असमर्थ रहा।
भारत की ओर से तिलक वर्मा ने नाबाद 69 रनों की शानदार पारी खेली। उनकी शांति और तेज छक्कों का मिश्रण दर्शकों को चौंका गया। उन्होंने अंतिम 20 गेंदों में 38 रन बनाए — बिना एक भी गलती के। भारत ने 19.1 ओवर में लक्ष्य पूरा किया। ये जीत नहीं, एक विजय थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’: एक ट्वीट जिसने सोशल मीडिया को तूफान में डाल दिया
मैच खत्म होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया: “#OperationSindoor on the games field. Outcome is the same - India wins! Congrats to our cricketers.” ये ट्वीट सिर्फ एक जयघोष नहीं था। ये एक संदेश था।
2.5 करोड़ से अधिक लाइक्स और 1 लाख से ज्यादा शेयर्स के साथ, ये ट्वीट दुनिया के सबसे ज्यादा वायरल हुए ट्वीट्स में शामिल हो गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल सहित कई मंत्री इसे री-ट्वीट कर गए। लेकिन ये ट्वीट क्यों इतना बड़ा हुआ? क्योंकि इसने एक अनकही कहानी को जोड़ दिया।
याद है? 7 मई से 10 मई 2025 तक भारत और पाकिस्तान के बीच एक छोटा सा सैन्य संघर्ष हुआ था, जिसे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया था — एक विशेष मिसाइल हमले के रूप में। वह संघर्ष रुक गया, लेकिन उसका नाम लोगों के दिमाग में बस गया। और अब, एक क्रिकेट मैच पर उसी नाम का इस्तेमाल करके, PM मोदी ने एक नया अर्थ दिया: जीत का नाम वही हो सकता है, चाहे वह युद्धक्षेत्र हो या खेल का मैदान।
दुबई की सुरक्षा, 25,000 दर्शक और 1.2 अरब देखने वाले
दुबई पुलिस ने इस मैच के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की। दोनों देशों के शौकीनों के बीच ऐतिहासिक तनाव के कारण, एक भी घटना नहीं होने दी गई। स्टेडियम में लगभग 25,000 लोग थे — जिनमें से अधिकांश भारतीय थे। उनके जश्न की आवाज़ से स्टेडियम कांप रहा था।
टेलीविजन पर इस मैच को 1.2 अरब दर्शकों ने देखा। ये आंकड़ा क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा दर्शक साक्षी है। ये एक मैच नहीं, एक सांस्कृतिक घटना थी।
कप्तानों की बात: जीत की रणनीति और हार का विश्लेषण
सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद कहा: “हमने हर मैच में गेंदबाजी पर फोकस किया। आज भी कुलदीप ने मैच बदल दिया। ये टीम की जीत है, न कि किसी एक की।”
दूसरी ओर, बाबर आजम ने स्वीकार किया: “हमारे बल्लेबाज शुरुआत तो अच्छी कर रहे थे, लेकिन मध्य क्रम में विकेट गिर गए। गेंदबाजी भी आज अपना बेस्ट नहीं दे पाई। भारत ने बेहतर खेला।”
BCCI का बड़ा इनाम और टूर्नामेंट का रिकॉर्ड
जीत के बाद BCCI ने टीम इंडिया और स्टाफ को 21 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया। ये टूर्नामेंट में भारत की 9वीं जीत है — और ये बार खास है क्योंकि भारत ने इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान को तीनों मैचों में हराया। BCCI ने ट्वीट किया: “3 वार, 0 प्रतिक्रिया। एशिया कप चैंपियन, संदेश पहुंचा।”
भारत ने इस टूर्नामेंट में लगातार 7 मैच जीते — एक नया रिकॉर्ड। कोई भी टीम इतने लगातार मैच जीत चुकी है? नहीं।
इतिहास और भविष्य: क्या ये सिर्फ एक मैच था?
इस जीत के बाद कई विश्लेषकों ने कहा कि ये क्रिकेट का एक नया अध्याय है — जहां खेल राजनीति के साथ इतना घुला-मिला हो गया है कि अब एक बल्ले की आवाज़ भी एक राष्ट्रीय संदेश बन गई है।
लेकिन ये जीत क्या बदल देगी? क्या दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा? ये अभी अनजान है। लेकिन एक बात साफ है: जब दो देश एक खेल के मैदान पर आते हैं, तो उनके बीच का दुश्मनी का रंग कम हो जाता है। शायद यही एक छोटा सा आश्वासन है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का क्रिकेट मैच से क्या संबंध है?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ 7 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का नाम था, जिसमें भारत ने एक विशेष मिसाइल हमला किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने एशिया कप जीत को इसी नाम से संदर्भित करके एक सांकेतिक संदेश दिया — जीत का नाम वही हो सकता है, चाहे युद्ध हो या खेल। ये भावनात्मक जुड़ाव है, न कि वास्तविक सैन्य अभियान का नया आयोजन।
क्या यह पहली बार है जब भारत और पाकिस्तान एशिया कप फाइनल में आमने-सामने थे?
हाँ, यह एशिया कप के 41 साल के इतिहास में पहली बार था। अब तक दोनों टीमें ग्रुप स्टेज या सेमीफाइनल में मिली थीं, लेकिन फाइनल में कभी नहीं। इस बार भारत ने तीनों मैच जीते — ग्रुप, सेमी और फाइनल — जो एक अद्वितीय उपलब्धि है।
एशिया कप 2025 का टेलीविजन दर्शक साक्षी कितना था और ये कितना बड़ा है?
1.2 अरब दर्शकों ने इस मैच को देखा, जो क्रिकेट इतिहास में दूसरा सबसे ज्यादा देखा गया मैच है — सिर्फ 2011 के विश्व कप फाइनल (1.5 अरब) के बाद। ये आंकड़ा दक्षिण एशिया के लिए क्रिकेट के अद्वितीय स्थान को दर्शाता है। भारत और पाकिस्तान के शौकीनों का जुनून इस आंकड़े का आधार है।
भारत ने इस टूर्नामेंट में कितने मैच जीते और क्या ये रिकॉर्ड है?
भारत ने एशिया कप 2025 में लगातार 7 मैच जीते — एक नया रिकॉर्ड। पहले कभी कोई टीम इतने लगातार मैच जीत नहीं पाई थी। ये रिकॉर्ड न सिर्फ टीम की ताकत को दर्शाता है, बल्कि इस टूर्नामेंट में भारत की अतुल्य सुसंगठित रणनीति और गेंदबाजी की गहराई को भी।
कुलदीप यादव की 4 विकेट क्यों इतनी महत्वपूर्ण थी?
कुलदीप यादव ने फाइनल में 4 विकेट लेकर पाकिस्तान को 146 रनों तक सीमित कर दिया, जो एक बहुत कम स्कोर था। उनकी लेग-स्पिन ने विशेष रूप से पाकिस्तानी मध्य क्रम को तोड़ दिया, जहां बाकी बल्लेबाज बार-बार आउट हुए। ये उनकी इस टूर्नामेंट में चौथी बार 4-विकेट थी — एक ऐसा रिकॉर्ड जो भारतीय स्पिनरों के इतिहास में दुर्लभ है।
क्या इस जीत के बाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सीरीज की आशा की जा सकती है?
हालाँकि इस जीत ने भावनात्मक ताकत बढ़ाई है, लेकिन राजनीतिक स्थिति अभी भी अस्थिर है। दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट श्रृंखला अब तक नियमित नहीं हुई है। लेकिन ये जीत निश्चित रूप से दबाव बना सकती है — खासकर जब दोनों देशों के लाखों शौकीन एक दूसरे के खिलाफ खेलने के लिए तैयार हैं।
11 टिप्पणि
ऑपरेशन सिंदूर? अब क्रिकेट में भी वापसी हो गई जंग की! बस अब बताओ अगला ऑपरेशन क्या होगा? ऑपरेशन गुलाबी? ऑपरेशन लाल चिट्ठी? 😂
इस जीत का असली असर तो ये है कि अब टीम इंडिया की गेंदबाजी रूटीन बन गई है - स्पिनर्स ने मध्य क्रम को फाड़ दिया, फास्ट बॉलर्स ने पावरप्ले में दबाव बनाया, और बल्लेबाजी ने अंत में शांति से लक्ष्य पूरा किया। ये टीम नहीं, एक सिस्टम है।
सिंदूर वाला ऑपरेशन? अरे भाई ये सब ट्वीट बनाने के लिए है ना? असल में तो वो मिसाइल वाला ऑपरेशन भी फेक था 😴
जब एक खेल इतना भावनात्मक हो जाता है कि उसे युद्ध के नाम से बुलाया जाए, तो शायद हम खेल को भूल गए हैं। क्रिकेट का मतलब तो ये नहीं होना चाहिए कि एक बल्ले की आवाज़ से राष्ट्रीय गर्व निकले। शायद हमें खेल को खेल बनाना चाहिए।
कुलदीप की 4 विकेट? बस इसी ने मैच बदल दिया। लेग स्पिन ने पाकिस्तानी मध्य क्रम को बर्बाद कर दिया - वो तो बस बैट घुमाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन गेंद ने उन्हें घुमा दिया।
3 मैच जीते पाकिस्तान के खिलाफ? ये तो नया इतिहास है। बस अब ये भी देखना है कि अगले साल भी ऐसा ही चलेगा या नहीं।
किसी ने पाकिस्तान को जीतने का मौका दिया? नहीं। उनकी बल्लेबाजी बेकार थी, गेंदबाजी बेकार थी, और टीम का मन भी बेकार था। भारत ने बस अपना काम किया - और ये तुम्हारी नहीं, अपनी जीत है।
ऑपरेशन सिंदूर? अरे ये तो बस बीसीसीआई का मार्केटिंग है! 😂 अब अगली बार ऑपरेशन गुलाबी निकलेगा जब राहुल गांधी बल्लेबाजी करेंगे!
इस जीत को देखकर लगता है कि दुश्मन भी अपनी आत्मा को भारत के आगे झुका देता है। पाकिस्तान के खिलाफ जीतना ही भारत का धर्म है। ये नहीं जीत थी - ये न्याय था।
कुलदीप ने 4 विकेट लिए? अरे ये तो बस भाग्य था! बाबर ने तो बल्ला घुमाया ही नहीं 😴
ये जीत तो बस एक शुरुआत है। अगर ये भावनाएं खेल के बाहर भी बनी रहें - जैसे दोनों देशों के बच्चे एक साथ क्रिकेट खेलें - तो शायद ये मैच सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि एक शांति का बीज बन जाए।